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तुलसी के पत्ते: माइग्रेन से लेकर डिप्रेशन में असरदार, बस ऐसे दूध के साथ करें सेवन…

तुलसी के पत्ते माइग्रेन से लेकर डिप्रेशन में असरदार, बस ऐसे दूध के साथ करें सेवन...

नियमित रूप से खाली पेट तुलसी दूध पीना चाहिए। जानें कई और फायदे जो आपको हैरान कर देंगे।माइग्रेन से लेकर डिप्रेशन तक में असरदार तुलसी के पत्ते, बस ऐसे दूध के साथ करें सेवन तुलसी की पत्तियां (tulsi leaves) कई गुणों से भरपूर होती हैं। तुलसी को किसी भी तरह से उपयोग करें वो फायदा ही देती है। वैसे तो तुलसी को किस तरह से बीमारी में इस्तेमाल करना है ये सभी जानते हैं। पर क्या आप जानते हैं, तुलसी की पत्तियों को रोजाना दूध में उबालकर पीने से इन 5 बड़े रोगों से आसानी से छुटकारा मिल सकता है।

कैसे करना चाहिए तुलसी दूध का सेवन –

तुलसी दूध बनाने के लिए सबसे पहले डेढ़ गिलास दूध में 8 से 10 तुलसी की पत्तियां डालकर उबलने दें। जब दूध एक गिलास रह जाए तब गैस बंद कर दें। दूध हल्का गुनगुना होने पर इसे पीएं। इस दूध के नियमित सेवन से ही इन बीमारियों से निजात पाया जा सकता है।

  • डिप्रेशन – ऑफिस की टेंशन (tension) या फिर काम के बोझ की वजह से अगर आप अक्सर तनाव या डिप्रेशन से घिरे रहते हैं तो दूध में तुलसी की पत्तियों को उबाल पीएं। इसे पीने से मानसिक तनाव और चिंताएं दूर होती हैं।
  • दमा रोग – यदि आप सांस संबंधी समस्या दमा जैसे किसी रोग से परेशान हैं तो दूध के साथ तुलसी की पत्तियों को उबालकर पीएं। ऐसा करना दमा रोगियों को फायदा होगा।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता – तुलसी के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट्स गुण मौजूद होने से ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं।इसके अलावा तुलसी के पत्तों में एंटीबैक्टीरियल एवं एंटीवायरल गुण भी मौजूद होते हैं, जो सर्दी, खांसी व जुकाम से व्यक्ति को दूर रखते हैं।
  • माइग्रेन – दूध में तुलसी के पत्ते उबालकर पीने से सिर दर्द या माइग्रेन (migraine) जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।नियमित रूप से तुलसी दूध का सेवन करने से इस समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
  • पथरी – अगर किसी व्यक्ति को पथरी की समस्या है तो उसे नियमित रूप से खाली पेट तुलसी दूध पीना चाहिए।ऐसा करने से किडनी के पथरी की समस्या और दर्द दूर होता है।
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