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आयुर्वेद एक वरदान: आयुर्वेद को करे फॉलो, रहे निरोगी और स्वस्थ्य काया के मालिक…

आयुर्वेद एक वरदान आयुर्वेद को करे फॉलो, रहे निरोगी और स्वस्थ्य काया के मालिक...

आयुर्वेद में खाने-पीने से जुड़ी कई बातें बताई गई हैं जिन्हें फॉलो करने से सेहत से जुड़ी कोई परेशानी सामने नहीं आती।साथ ही हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। आयुर्वेद में रात के खाने से जुड़ी कुछ बातें भी बताई गई हैं। आयुर्वेद के अनुसार रात में नहीं करना चाहिए इन चीजों का सेवन, उन बातों के अनुसार कुछ चीजें ऐसी हैं जिनका रात में सेवन वर्जित मन जाता है। साथ ही, आयुर्वेद कहता है भोजन में 6 रस निश्चित रूप से शामिल होने चाहिए। ये 6 रस हैं- मधुर (मीठा), लवण (नमकीन), अम्ल (खट्टा), कटु (कड़वा), तिक्त (तीखा) और कषाय (कसैला)। शरीर की प्रकृति के अनुसार ही भोजन करना चाहिए। इससे शरीर में पोषक तत्त्वों का असंतुलन नहीं होता।

  • रात में किसी भी कीमत पर दही का सेवन नहीं करना चाहिए। दही की जगह छाछ ले सकते हैं। दही शरीर में कफ होने की समस्या को बढ़ा सकता है, जिसके चलते नाक में बलगम के गठन की अधिकता पैदा हो सकती है।
  • रात में दूध पीने की आदत है, तो कम फैट वाला दूध पिएं। लेकिन सुनिश्चित करें कि कभी ठंडा दूध न पिएं, हमेशा दूध को उबाल कर पिएं। गर्म दूध और कम फैट वाला दूध पचाने में आसान होता है।
  • डिनर में ऐसे ही मसालों का प्रयोग करें जो सेहत के लिए अच्छे हों। ऐसा करने से शरीर में गर्माहट बढ़ेगी और भूख भी बनी रहेगी। भोजन में दालचीनी, सौंफ, मेथी और इलायची को शामिल कर सकते हैं।
  • रात के समय प्रोटीन से युक्त भोजन ही करें जैसे दाल, हरी सब्जियां, करी पत्ते और फल आदि। इससे पाचन तंत्र काफी हल्का और हेल्दी रहता है।
  • अगर अपना वजन कम करना चाहते हैं तो इस चीज को गांठ बांध लें कि रात को कम खाएं और चबा चबाकर खाएं। इससे आप हेल्दी भी रहेंगे और नींद भी अच्छी आएगी। रात में हमारा पाचन तंत्र निष्क्रिय होता है, जिससे हमारे शरीर के लिए भारी भोजन पचाना मुश्किल हो जाता है।
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